“भारतीय दोपहिया निर्यात ने CY 2025 में 43 लाख यूनिट्स का रिकॉर्ड तोड़ा, जिसमें Bajaj Auto और TVS Motor ने 72% हिस्सा कब्जाया। अफ्रीका और लैटिन अमेरिका जैसे बाजारों में मजबूत मांग से ये कंपनियां लाभान्वित हुईं, जहां किफायती और टिकाऊ मॉडल्स की डिमांड बढ़ी। भविष्य में निर्यात 45 लाख यूनिट्स पार करने की संभावना।”
भारतीय दोपहिया उद्योग ने कैलेंडर ईयर 2025 में निर्यात के मामले में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की, जहां कुल 43 लाख यूनिट्स की बिक्री दर्ज हुई। इस रिकॉर्ड में Bajaj Auto और TVS Motor Company ने प्रमुख भूमिका निभाई, जो कुल निर्यात का लगभग 72 प्रतिशत हिस्सा संभाल रही हैं। Bajaj Auto ने 43 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी के साथ 18.5 लाख यूनिट्स निर्यात किए, जबकि TVS Motor ने 29 प्रतिशत हिस्सेदारी से 12.5 लाख यूनिट्स की बिक्री की। ये आंकड़े SIAM (Society of Indian Automobile Manufacturers) के आधिकारिक रिकॉर्ड्स से मिलते हैं, जो दर्शाते हैं कि विदेशी बाजारों में भारतीय बाइक्स की लोकप्रियता कैसे बढ़ रही है।
ये दो कंपनियां मुख्य रूप से अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और दक्षिण-पूर्व एशिया के उभरते बाजारों पर फोकस कर रही हैं, जहां आर्थिक विकास के साथ-साथ परिवहन की जरूरतें बढ़ी हैं। उदाहरण के लिए, नाइजीरिया, कोलंबिया और फिलीपींस जैसे देशों में भारतीय बाइक्स की डिमांड इसलिए मजबूत है क्योंकि ये मॉडल्स किफायती कीमतों पर हाई माइलेज और मजबूत बिल्ड क्वालिटी प्रदान करती हैं। Bajaj Auto के Boxer और Pulsar सीरीज के मॉडल्स अफ्रीकी बाजारों में टैक्सी और कमर्शियल यूज के लिए पसंद किए जा रहे हैं, जहां इन्होंने स्थानीय ब्रैंड्स को पीछे छोड़ दिया है। इसी तरह, TVS Motor के Apache और Star City मॉडल्स लैटिन अमेरिकी देशों में युवा राइडर्स के बीच स्पोर्टी डिजाइन और परफॉर्मेंस के लिए हिट हैं।
निर्यात में इस उछाल के पीछे कई फैक्टर्स काम कर रहे हैं। वैश्विक सप्लाई चेन में सुधार ने उत्पादन क्षमता बढ़ाई, जबकि भारतीय सरकार की PLI (Production Linked Incentive) स्कीम ने कंपनियों को एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड मैन्युफैक्चरिंग के लिए प्रोत्साहित किया। Bajaj Auto ने अपनी Chakan प्लांट से निर्यात को 26 प्रतिशत बढ़ाया, जहां से每月 औसतन 2 लाख यूनिट्स विदेश भेजी जा रही हैं। TVS Motor ने Hosur फैक्ट्री में EV सेगमेंट को भी एक्सपोर्ट में शामिल किया, जिससे iQube जैसे इलेक्ट्रिक स्कूटर्स की डिमांड यूरोपीय बाजारों में बढ़ी। कुल मिलाकर, अप्रैल से दिसंबर 2025 तक निर्यात 3.29 लाख यूनिट्स रहा, जो पिछले साल से 26 प्रतिशत अधिक है।
प्रमुख बाजारों में निर्यात आंकड़े
नीचे दी गई टेबल 2025 के प्रमुख निर्यात बाजारों और कंपनियों के योगदान को दर्शाती है:
| बाजार क्षेत्र | कुल निर्यात (लाख यूनिट्स) | Bajaj Auto का हिस्सा (%) | TVS Motor का हिस्सा (%) | प्रमुख मॉडल्स |
|---|---|---|---|---|
| अफ्रीका | 18 | 50 | 25 | Boxer, Pulsar, Apache |
| लैटिन अमेरिका | 12 | 40 | 35 | Discover, Star City, Raider |
| दक्षिण-पूर्व एशिया | 8 | 35 | 30 | CT100, HLX, Ntorq |
| अन्य (यूरोप, मिडिल ईस्ट) | 5 | 30 | 28 | Chetak EV, iQube |
ये आंकड़े दर्शाते हैं कि अफ्रीका सबसे बड़ा बाजार बना हुआ है, जहां राजनीतिक स्थिरता और इकोनॉमिक रिकवरी ने डिमांड को बूस्ट दिया। उदाहरणस्वरूप, केन्या में Bajaj के Boxer मॉडल ने 1 लाख यूनिट्स की बिक्री पार की, जो स्थानीय रोड कंडीशंस के लिए परफेक्ट है।
डिमांड बढ़ने के प्रमुख कारण
किफायती मूल्य निर्धारण: भारतीय बाइक्स की कीमत 50,000 से 1.5 लाख रुपये के बीच है, जो विदेशी बाजारों में जापानी या चीनी ब्रैंड्स से 20-30 प्रतिशत सस्ती हैं। इससे मिडिल-क्लास कंज्यूमर्स आकर्षित हो रहे हैं।
टेक्नोलॉजी अपग्रेड: Bajaj ने Pulsar NS सीरीज में ABS और डिजिटल इंस्ट्रूमेंटेशन जोड़ा, जबकि TVS ने Apache RTR में Bluetooth कनेक्टिविटी शामिल की, जो युवा खरीदारों को लुभा रही है।
सस्टेनेबिलिटी फोकस: EV सेगमेंट में TVS का iQube और Bajaj का Chetak मॉडल्स पर्यावरण-अनुकूल विकल्प के रूप में यूरोप में एंट्री कर रहे हैं, जहां कार्बन एमिशन रेगुलेशंस सख्त हैं।
मार्केटिंग स्ट्रैटजी: दोनों कंपनियां लोकल पार्टनरशिप्स के जरिए डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क मजबूत कर रही हैं। Bajaj ने ब्राजील में 50 नए डीलरशिप्स खोले, जबकि TVS ने इंडोनेशिया में असेंबली प्लांट सेटअप किया।
आर्थिक फैक्टर्स: ग्लोबल इंफ्लेशन के बावजूद, उभरते बाजारों में फ्यूल प्राइसेज हाई होने से हाई-माइलेज बाइक्स की डिमांड बढ़ी। भारतीय मॉडल्स 60-70 kmpl माइलेज देती हैं, जो लोकल ऑप्शंस से बेहतर है।
इसके अलावा, Hero MotoCorp जैसे अन्य प्लेयर्स भी निर्यात में हिस्सा बढ़ा रहे हैं, लेकिन Bajaj और TVS की डोमिनेंस बरकरार है। Hero ने Splendor और Passion मॉडल्स से 10 प्रतिशत बाजार हिस्सा हासिल किया, मुख्य रूप से बांग्लादेश और नेपाल में। हालांकि, कुल निर्यात में इन दो कंपनियों का 72 प्रतिशत योगदान दर्शाता है कि विदेशी खरीदार मुख्य रूप से इन्हीं ब्रैंड्स को प्रिफर कर रहे हैं।
भविष्य की संभावनाएं और चुनौतियां
निर्यात की यह गति 2026 में भी जारी रहने की उम्मीद है, जहां कुल वॉल्यूम 4.5 लाख यूनिट्स पार कर सकता है। Bajaj Auto ने 200cc से ऊपर के सेगमेंट में नए मॉडल्स लॉन्च करने की योजना बनाई है, जो स्पोर्ट बाइक मार्केट को टारगेट करेंगे। TVS Motor EV एक्सपैंशन पर फोकस कर रही है, जिसमें 10 नए देशों में एंट्री शामिल है। हालांकि, चुनौतियां भी हैं जैसे ग्लोबल ट्रेड टैरिफ्स, कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और कॉम्पिटिशन से चीनी ब्रैंड्स। उदाहरण के लिए, अगर स्टील प्राइसेज 15 प्रतिशत बढ़ें, तो उत्पादन कॉस्ट प्रभावित हो सकती है।
कंपनी-विशिष्ट हाइलाइट्स
Bajaj Auto: कंपनी ने 2025 में 200k यूनिट्स प्रति माह का निर्यात लक्ष्य हासिल किया, मुख्य रूप से Pulsar 125 और Boxer 100 मॉडल्स से। अफ्रीका में 50 प्रतिशत ग्रोथ दर्ज की गई, जहां लोकल असेंबली यूनिट्स ने कॉस्ट कम की।
TVS Motor: Apache 160 4V और Raider 125 जैसे मॉडल्स ने लैटिन अमेरिका में 35 प्रतिशत मार्केट शेयर कब्जाया। कंपनी ने R&D में 500 करोड़ निवेश किया, जिससे नए फीचर्स जैसे Ride Modes और Voice Assistance जोड़े गए।
ये ट्रेंड्स दर्शाते हैं कि भारतीय दोपहिया ब्रैंड्स ग्लोबल प्लेयर्स बनते जा रहे हैं, जहां क्वालिटी और इनोवेशन की वजह से डिमांड थमने का नाम नहीं ले रही। अन्य कंपनियां जैसे Honda और Royal Enfield भी निर्यात बढ़ा रही हैं, लेकिन Bajaj और TVS की लीडरशिप मजबूत बनी हुई है।
Disclaimer: यह एक न्यूज रिपोर्ट है जो उपलब्ध स्रोतों पर आधारित है। इसमें दी गई टिप्स और जानकारी केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए हैं।