“प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक 4.09 लाख करोड़ रुपये किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। 21वीं किस्त नवंबर 2025 में जारी की गई, जिसमें 18,000 करोड़ रुपये 9 करोड़ से अधिक किसानों को मिले। 22वीं किस्त से पहले सरकार ने ई-केवाईसी की अनिवार्यता पर जोर दिया, साथ ही योजना की पात्रता मानदंडों में सख्ती और लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि की जानकारी दी। योजना से छोटे और सीमांत किसानों को वार्षिक 6,000 रुपये की सहायता मिलती है, जो तीन किस्तों में विभाजित है।”
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan) के अंतर्गत सरकार ने अब तक कुल 4.09 लाख करोड़ रुपये की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की है। यह राशि 21 किस्तों के माध्यम से वितरित की गई, जिसमें प्रत्येक किस्त में पात्र किसानों को 2,000 रुपये प्रदान किए जाते हैं। योजना की शुरुआत दिसंबर 2018 से हुई, और इसका उद्देश्य छोटे तथा सीमांत किसानों को वित्तीय स्थिरता प्रदान करना है।
सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, योजना से जुड़े लाभार्थियों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में, औसतन प्रति किस्त 9 से 10 करोड़ किसान लाभान्वित होते हैं। 21वीं किस्त में 9.35 करोड़ से अधिक किसानों को राशि मिली, जो योजना के विस्तार को दर्शाता है। 22वीं किस्त से पहले, सरकार ने स्पष्ट किया कि ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया को पूरा करना अनिवार्य है, अन्यथा लाभार्थी की अगली किस्त रोकी जा सकती है।
ई-केवाईसी के लिए किसान pmkisan.gov.in पोर्टल पर OTP-आधारित या बायोमेट्रिक विधि से सत्यापन कर सकते हैं। सरकार ने बताया कि हाल के महीनों में लाखों किसानों ने इस प्रक्रिया को पूरा किया, जिससे योजना की पारदर्शिता बढ़ी है। यदि कोई किसान योजना से जुड़ना चाहता है, तो उसे आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण और भूमि दस्तावेज जमा करने होते हैं। पात्रता मानदंडों में बदलाव के तहत, 1 फरवरी 2019 के बाद भूमि खरीदने वाले किसानों की जांच की जा रही है, और परिवार में एक से अधिक सदस्यों को लाभ देने पर रोक लगाई गई है।
योजना के प्रभाव को समझने के लिए, यहां कुछ प्रमुख आंकड़े दिए गए हैं:
| किस्त संख्या | वितरित राशि (लगभग करोड़ रुपये में) | लाभार्थी संख्या (करोड़ में) | मुख्य विशेषता |
|---|---|---|---|
| 1 से 10 | 1.50 लाख | 8-9 | योजना की शुरुआत और विस्तार |
| 11 से 15 | 1.20 लाख | 9-10 | COVID-19 काल में तेजी से वितरण |
| 16 से 21 | 1.39 लाख | 9.5-10 | डिजिटल सत्यापन पर फोकस |
ये आंकड़े दर्शाते हैं कि योजना ने कृषि क्षेत्र में आर्थिक मजबूती प्रदान की है, विशेषकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में। 22वीं किस्त से पहले, सरकार ने जोर दिया कि लाभार्थी अपनी स्थिति की जांच Kisan eMitra चैटबॉट या मोबाइल ऐप के माध्यम से करें। यदि कोई असंगति पाई जाती है, जैसे गलत बैंक विवरण या अपात्र भूमि स्वामित्व, तो लाभ रोका जा सकता है।
सरकार ने योजना की सफलता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दुनिया की सबसे बड़ी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम बन चुकी है। कुल 4.09 लाख करोड़ की राशि से किसानों ने बीज, खाद और सिंचाई सुविधाओं में निवेश किया, जिससे उत्पादकता में 15-20% की वृद्धि देखी गई है। 22वीं किस्त में भी 2,000 रुपये प्रति किसान वितरित किए जाएंगे, लेकिन कुछ मामलों में पिछली बकाया राशि जोड़कर 4,000 रुपये तक मिल सकते हैं, यदि ई-केवाईसी में देरी हुई हो।
पात्रता सुनिश्चित करने के लिए, सरकार ने राज्य स्तर पर सत्यापन अभियान चलाए हैं। उदाहरण के लिए, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में लाखों नए किसानों को जोड़ा गया, जबकि अपात्र लाभार्थियों को हटाया गया। योजना से जुड़े किसान अब वार्षिक 6,000 रुपये की सहायता से अपनी आय में 10-15% की बढ़ोतरी कर रहे हैं। 22वीं किस्त से पहले, सरकार ने चेतावनी दी कि फर्जी दस्तावेजों पर सख्त कार्रवाई होगी, जिसमें लाभ वापसी और कानूनी कदम शामिल हैं।
योजना की प्रमुख चुनौतियों में डिजिटल साक्षरता की कमी शामिल है, जिसके लिए सरकार ने CSC सेंटर्स पर सहायता बढ़ाई है। लाभार्थी सूची में पारदर्शिता के लिए, किसान pmkisan.gov.in पर अपना नाम, गांव और राज्य चुनकर चेक कर सकते हैं। 21वीं किस्त में 18,000 करोड़ की राशि से ग्रामीण बाजारों में मांग बढ़ी, जो अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करती है।
22वीं किस्त की तैयारी में, सरकार ने बजट आवंटन पर फोकस किया है, जिसमें कृषि मंत्रालय ने अतिरिक्त फंड की मांग की। योजना से महिला किसानों की भागीदारी भी बढ़ी है, वर्तमान में 20% से अधिक लाभार्थी महिलाएं हैं। सरकार ने बताया कि योजना का विस्तार अन्य कृषि योजनाओं जैसे किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ा जा रहा है, ताकि किसानों को ऋण सुविधा भी मिले।
कुछ प्रमुख बिंदु जो किसानों को जानने चाहिए:
ई-केवाईसी अपडेट : आधार से लिंक किए बिना किस्त नहीं मिलेगी।
पिछली किस्त चेक : यदि 21वीं किस्त नहीं मिली, तो pmkisan.gov.in पर स्टेटस देखें।
नए रजिस्ट्रेशन : भूमि 2 हेक्टेयर से कम होनी चाहिए, और आयकर दाता नहीं होना चाहिए।
शिकायत निवारण : टोल-फ्री नंबर 155261 या 011-24300606 पर संपर्क करें।
राज्यवार लाभ : महाराष्ट्र में 1 करोड़ से अधिक, जबकि पूर्वोत्तर राज्यों में वृद्धि की जरूरत।
योजना ने कृषि संकट को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जहां सूखा या बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सहायता प्रदान की जाती है। 22वीं किस्त से पहले, सरकार ने स्पष्ट किया कि सभी पात्र किसानों को समय पर राशि मिलेगी, बशर्ते दस्तावेज सही हों। कुल मिलाकर, 4.09 लाख करोड़ की राशि ने लाखों परिवारों की आजीविका सुधारी है।
Disclaimer: यह समाचार रिपोर्ट आधिकारिक स्रोतों और समाचारों पर आधारित है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि योजना से संबंधित किसी भी जानकारी की पुष्टि आधिकारिक वेबसाइट से करें।