“ई-पासपोर्ट की शुरुआत से पुराने पासपोर्ट अमान्य नहीं होंगे, वे अपनी वैधता तिथि तक काम करेंगे; नए पासपोर्ट में बायोमेट्रिक चिप होगी जो सुरक्षा बढ़ाएगी, लेकिन पुराने दस्तावेज़ों की जगह लेने की कोई अनिवार्यता नहीं है; नियमों के मुताबिक, ई-पासपोर्ट चुनिंदा केंद्रों से जारी हो रहे हैं और धीरे-धीरे पूरे देश में फैलेंगे।”
ई-पासपोर्ट और पुराने पासपोर्ट की वैधता
भारत सरकार ने 2025 से ई-पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया शुरू की है, जिसमें बायोमेट्रिक चिप शामिल होती है जो धारक की जानकारी को डिजिटल रूप से स्टोर करती है। यह चिप फिंगरप्रिंट और आंखों की स्कैन जैसी डिटेल्स को सुरक्षित रखती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय यात्रा में सुरक्षा और तेजी बढ़ती है।
पुराने पासपोर्ट, जो बिना चिप के हैं, अपनी एक्सपायरी डेट तक पूरी तरह वैध रहेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, कोई भी पुराना पासपोर्ट अमान्य नहीं किया जाएगा, बल्कि यात्रियों को ई-पासपोर्ट अपनाने की सलाह दी जा रही है। 2026 तक दिल्ली, मुंबई और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों में ई-पासपोर्ट जारी हो रहे हैं, जबकि अन्य जगहों पर पुराने फॉर्मेट जारी हैं।
ई-पासपोर्ट प्राप्त करने के लिए आवेदक को पासपोर्ट सेवा केंद्र पर बायोमेट्रिक डेटा जमा करना पड़ता है, लेकिन पुराने पासपोर्ट धारकों को जब तक रिन्यूअल की जरूरत न हो, बदलाव की आवश्यकता नहीं है। अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत, ICAO स्टैंडर्ड्स के मुताबिक, पुराने पासपोर्ट 2035 तक वैश्विक स्तर पर स्वीकार्य रहेंगे।
ई-पासपोर्ट vs पुराना पासपोर्ट: मुख्य अंतर
नियम क्या कहते हैं?
| विशेषता | ई-पासपोर्ट | पुराना पासपोर्ट |
|---|---|---|
| तकनीक | RFID चिप के साथ बायोमेट्रिक डेटा | केवल प्रिंटेड जानकारी |
| सुरक्षा स्तर | उच्च, फर्जीवाड़ा रोकने में प्रभावी | सामान्य, आसानी से कॉपी हो सकता है |
| वैधता अवधि | वयस्कों के लिए 10 वर्ष, नाबालिगों के लिए 5 वर्ष | समान |
| जारी करने की प्रक्रिया | डिजिटल वेरिफिकेशन अनिवार्य | मैनुअल वेरिफिकेशन |
| लागत | ₹1500 से ₹2500 तक (टाइप पर निर्भर) | ₹1000 से ₹2000 तक |
वैधता का नियम : पासपोर्ट एक्ट 1967 के तहत, कोई भी पासपोर्ट अपनी जारी तिथि से वैधता अवधि तक मान्य रहता है, चाहे फॉर्मेट पुराना हो या नया।
रिन्यूअल प्रक्रिया : यदि पुराना पासपोर्ट एक्सपायर हो रहा है, तो रिन्यूअल पर ई-पासपोर्ट जारी किया जाएगा। 2026 में, 50% से अधिक आवेदनों पर ई-फॉर्मेट लागू हो चुका है।
यात्रा प्रभाव : यूएस, यूके और यूरोपीय देशों में पुराने पासपोर्ट से कोई समस्या नहीं, लेकिन कुछ देशों में ई-पासपोर्ट को प्राथमिकता दी जा रही है।
सरकारी निर्देश : MEA ने स्पष्ट किया कि पुराने पासपोर्ट को अमान्य करने की कोई योजना नहीं, लेकिन साइबर सिक्योरिटी के लिए ई-अपग्रेड को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
विशेष मामलों में : यदि पासपोर्ट खो गया या डैमेज हो गया, तो नया ई-पासपोर्ट ही जारी होगा।
ध्यान देने योग्य पॉइंट्स
ई-पासपोर्ट से इमिग्रेशन प्रक्रिया 20-30% तेज हो जाती है, क्योंकि मशीन रीडिंग से मानवीय त्रुटि कम होती है।
2026 तक 1 करोड़ से अधिक ई-पासपोर्ट जारी हो चुके हैं, जो कुल पासपोर्ट जारी करने का 30% है।
यदि आपका पासपोर्ट 2026 में एक्सपायर हो रहा है, तो रिन्यूअल के समय ई-ऑप्शन चुनें ताकि भविष्य की यात्रा आसान हो।
Disclaimer: यह लेख सूचना उद्देश्यों के लिए है और आधिकारिक सलाह नहीं माना जाना चाहिए। पाठकों को पासपोर्ट संबंधी नियमों के लिए सरकारी वेबसाइट या पासपोर्ट सेवा केंद्र से संपर्क करना चाहिए।