सोना-चांदी की कीमतें: 2.60 लाख चांदी और 1.60 लाख सोना पर टिकीं, क्या आएगी बड़ी गिरावट या नई तेजी? एक्सपर्ट्स की राय जानें

“वर्तमान में भारत में सोने की कीमतें MCX पर 1.60 लाख से 1.63 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बनी हुई हैं, जबकि चांदी 2.70 लाख से 2.85 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के बीच ट्रेड कर रही है। मिडिल ईस्ट संकट के कारण सुरक्षित निवेश की मांग बनी हुई है, लेकिन मुनाफावसूली से कुछ सुधार देखा जा रहा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि 2026 में सोना 5,000 डॉलर प्रति औंस और उससे ऊपर जा सकता है, जबकि चांदी में भी मजबूत तेजी की संभावना है, लेकिन निकट अवधि में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।”

भारत में सोने और चांदी के बाजार में पिछले कुछ दिनों से तेज उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव के कारण सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी, जिससे कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचीं। MCX पर सोने का अप्रैल 2026 कॉन्ट्रैक्ट हाल ही में 1,63,142 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर को छू चुका है, जबकि वर्तमान में यह 1,62,000-1,63,000 रुपये के बीच ट्रेड कर रहा है। चांदी का मई 2026 कॉन्ट्रैक्ट 2,74,251 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंचा, लेकिन अब 2,70,000-2,85,000 रुपये प्रति किलोग्राम के दायरे में है।

24 कैरेट सोने की स्पॉट कीमतें विभिन्न शहरों में 16,200-16,500 रुपये प्रति ग्राम के बीच हैं, जिससे 10 ग्राम के लिए कुल 1.62-1.65 लाख रुपये बनता है। 22 कैरेट सोना, जो ज्यादातर आभूषणों में इस्तेमाल होता है, 14,800-15,100 रुपये प्रति ग्राम पर उपलब्ध है। चांदी की कीमत 285 रुपये प्रति ग्राम या 2.85 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास स्थिर है, जो हाल के दिनों में 8,000-10,000 रुपये की गिरावट दिखा चुकी है।

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ये कीमतें वैश्विक संकेतों से प्रभावित हैं, जहां कॉमेक्स पर सोना 5,100-5,300 डॉलर प्रति औंस के बीच है और चांदी 80-85 डॉलर प्रति औंस पर। रुपये की कमजोरी (91.5-91.7 के स्तर पर) ने घरेलू कीमतों को अतिरिक्त समर्थन दिया है।

एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि निकट अवधि में बड़ी गिरावट की संभावना कम है, क्योंकि भू-राजनीतिक जोखिम बने हुए हैं। J.P. Morgan जैसे संस्थानों ने 2026 के अंत तक सोने को 5,000 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने का अनुमान लगाया है, जो घरेलू बाजार में 1.80 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से ऊपर जा सकता है। BNP Paribas ने औसत 5,620 डॉलर का लक्ष्य रखा है, जिसमें 6,250 डॉलर तक का पीक संभव है।

चांदी के लिए भी सकारात्मक दृष्टिकोण है, क्योंकि औद्योगिक मांग (सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स) मजबूत है और आपूर्ति घाटा जारी है। कुछ पूर्वानुमान 2026 में चांदी को 135-150 डॉलर प्रति औंस तक ले जा सकते हैं, जो भारत में 3.50-4.00 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर को छू सकता है। हालांकि, उच्च कीमतों पर ज्वेलरी और सिल्वरवेयर की मांग प्रभावित हो सकती है, खासकर भारत जैसे बाजारों में।

वर्तमान प्रमुख स्तर (MCX आधारित):

सोना (अप्रैल 2026): 1,62,000-1,63,000 रुपये प्रति 10 ग्राम

चांदी (मई 2026): 2,70,000-2,85,000 रुपये प्रति किलोग्राम

संभावित समर्थन और प्रतिरोध स्तर:

सोना: समर्थन 1,58,000-1,60,000 रुपये, प्रतिरोध 1,75,000-1,80,000 रुपये

चांदी: समर्थन 2,50,000 रुपये, प्रतिरोध 3,20,000 रुपये

एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि निवेशक डिप्स पर खरीदारी करें, क्योंकि लंबी अवधि में दोनों धातुएं मजबूत दिख रही हैं। शादियों के सीजन और त्योहारों में मांग बढ़ सकती है, लेकिन वैश्विक घटनाक्रम पर नजर रखना जरूरी है।

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