वोडाफोन आइडिया से हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में भारत सरकार, US बेस्ड फंड सहित निवेशकों की तेज दिलचस्पी

“भारत सरकार Vodafone Idea में अपनी करीब 49% हिस्सेदारी बेचने की दिशा में आगे बढ़ रही है। कंपनी को मजबूत बनाने के लिए रणनीतिक निवेशक तलाश रही है, जबकि JSW Group, ST Telemedia और US-बेस्ड Tillman Global Holdings जैसी कंपनियां पैनी नजर रखे हुए हैं। हालिया राहत पैकेज के बाद शेयरों में तेजी आई है, लेकिन कंपनी को अभी भी भारी पूंजी की जरूरत है।”

भारत सरकार Vodafone Idea (Vi) में अपनी लगभग 49% हिस्सेदारी को बेचने या रणनीतिक निवेशक को सौंपने की प्रक्रिया तेज कर रही है। यह कदम कंपनी को वित्तीय संकट से उबारने और टेलीकॉम सेक्टर में स्थिरता लाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है। सरकार ने पहले ही AGR बकाया और स्पेक्ट्रम देयकों पर राहत पैकेज दिए हैं, जिसके बाद अब निजी निवेशकों को आकर्षित करने पर फोकस है।

सरकार की हिस्सेदारी फरवरी 2023 में ब्याज देयकों को इक्विटी में बदलने के बाद करीब 49% हो गई थी, जो बाद में स्पेक्ट्रम देयकों के ₹36,950 करोड़ को शेयरों में बदलने से 48.99% पर पहुंची। अब सरकार का लक्ष्य ऐसी स्थिति बनाना है जहां वह अपनी हिस्सेदारी लाभ पर बेच सके। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कैबिनेट द्वारा मंजूर AGR राहत पैकेज (जिसमें देयकों को FY32-FY41 तक रिसेड्यूल किया गया और कुछ मामलों में कैप लगाया गया) ने सरकार के एग्जिट की नींव रख दी है।

निवेशकों की दिलचस्पी और संभावित डील्स

कंपनी में रुचि दिखाने वाले प्रमुख निवेशकों में शामिल हैं:

JSW Group : घरेलू स्तर पर बड़े निवेश की संभावना तलाश रहा है, जो नेटवर्क विस्तार और 5G रोलआउट में मदद कर सकता है।

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ST Telemedia : सिंगापुर बेस्ड यह कंपनी पहले से टेलीकॉम सेक्टर में सक्रिय है और exploratory talks में शामिल है।

Tillman Global Holdings (US-बेस्ड) : अमेरिकी प्राइवेट इक्विटी फंड ने पहले $4-6 बिलियन (करीब ₹35,000-52,800 करोड़) तक निवेश की बात की थी, जिसमें ऑपरेशनल कंट्रोल की मांग भी शामिल थी। हालांकि कंपनी ने कुछ रिपोर्ट्स को खारिज किया था, लेकिन हालिया चर्चाओं में फिर से नाम आ रहा है।

ये बातचीत अभी प्रारंभिक स्तर पर हैं। संभावित निवेश फ्रेश इक्विटी इश्यू के जरिए हो सकता है या प्रमोटर्स (Aditya Birla Group और Vodafone Group) द्वारा हिस्सेदारी डाइल्यूट करके। ब्रोकरेज अनुमानों के मुताबिक, कंपनी को ₹50,000 करोड़ तक की फ्रेश पूंजी चाहिए, जिससे ₹48,000 करोड़ के स्पेक्ट्रम लायबिलिटी को इक्विटी में बदला जा सके बिना सरकार की होल्डिंग 49% से ज्यादा न बढ़े।

शेयर मार्केट पर असर

हालिया खबरों के बाद Vodafone Idea के शेयरों में तेज उछाल देखा गया। मार्च 2026 में रिपोर्ट्स आने पर शेयर 5% तक चढ़ गए, जबकि शुरुआती ट्रेड में 2-5% की बढ़त दर्ज की गई। यह राहत पैकेज और निवेशक दिलचस्पी का नतीजा है। कंपनी का क्रेडिट रेटिंग अपग्रेड भी पॉजिटिव सिग्नल है।

कंपनी की मौजूदा स्थिति

Vodafone Idea अभी भी भारी कर्ज में है और Bharti Airtel तथा Reliance Jio से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रही है। कंपनी ने 5G नेटवर्क विस्तार के लिए निवेश योजनाएं बनाई हैं, लेकिन कैश फ्लो की कमी बड़ी चुनौती बनी हुई है। प्रमोटर्स ने भी हाल में कुछ हिस्सेदारी सेगमेंट करके लीगेसी लायबिलिटी सेटल करने की दिशा में कदम उठाए हैं।

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संभावित परिदृश्य

यदि कोई बड़ा निवेशक आता है, तो सरकार लाभ पर एग्जिट कर सकती है। अन्यथा, ओपन ऑफर, ब्लॉक डील या सॉवरेन वेल्थ फंड्स के जरिए प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। टेलीकॉम सेक्टर में तीन खिलाड़ियों की स्थिरता भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी है, इसलिए सरकार का फोकस कंपनी को बचाने पर है।

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