Budget 2026: इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं, लेकिन 6 महीने की फॉरेन एसेट डिस्क्लोजर स्कीम से बचाएं लाखों! अब जानें सभी बड़े अपडेट जो आपकी जेब पर असर डालेंगे

“वित्त मंत्री ने बजट 2026 में इनकम टैक्स स्लैब को यथावत रखा है, जबकि विदेशी संपत्तियों के लिए 6 महीने की नई डिस्क्लोजर स्कीम शुरू की गई है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर 12 लाख करोड़ रुपये का आवंटन, कृषि सेक्टर में 2.5 लाख करोड़ की सब्सिडी, और EV सेक्टर को बूस्ट देने के लिए 1 लाख करोड़ की योजना प्रमुख हाइलाइट्स हैं। टैक्स कलेक्शन में 15% वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है, जो मिडिल क्लास को राहत देते हुए आर्थिक विकास को गति देगा।”

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में पेश किए गए Union Budget 2026 में इनकम टैक्स स्लैब में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया है। पुरानी व्यवस्था के तहत 2.5 लाख रुपये तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा, जबकि 2.5 लाख से 5 लाख तक की आय पर 5% टैक्स, 5 लाख से 10 लाख तक पर 20%, और 10 लाख से ऊपर पर 30% टैक्स दर बरकरार रहेगी। इससे मिडिल क्लास को बड़ी राहत मिलेगी, खासकर महंगाई की मौजूदा स्थिति में जहां CPI इंडेक्स 6.2% पर पहुंच चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला FY26 में उपभोक्ता खर्च को 8-10% तक बढ़ा सकता है, क्योंकि लोग अब अतिरिक्त बचत को निवेश में लगा सकेंगे।

बजट का एक प्रमुख आकर्षण है 6 महीने की फॉरेन एसेट डिस्क्लोजर स्कीम, जो 1 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 30 सितंबर 2026 तक चलेगी। इस स्कीम के तहत भारतीय नागरिक अपनी विदेशी संपत्तियों जैसे स्टॉक्स, बॉन्ड्स, रियल एस्टेट या बैंक अकाउंट्स को डिस्क्लोज कर सकते हैं बिना किसी पेनल्टी के। अगर डिस्क्लोजर नहीं किया गया तो 10 करोड़ रुपये तक की संपत्ति पर 120% पेनल्टी लग सकती है, जो Black Money Act के तहत सख्ती से लागू होगी। यह स्कीम FATCA और CRS जैसे अंतरराष्ट्रीय समझौतों के अनुरूप है, और अनुमान है कि इससे 50,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व आएगा। NRIs के लिए विशेष प्रावधान शामिल हैं, जहां वे अपनी संपत्ति को भारत में ट्रांसफर करने पर 15% की छूट पा सकते हैं।

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इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर जोर देते हुए बजट में 12 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो पिछले साल के 10 लाख करोड़ से 20% अधिक है। इसमें हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के लिए 3 लाख करोड़, रोड और हाईवे प्रोजेक्ट्स के लिए 4 लाख करोड़, और स्मार्ट सिटी इनिशिएटिव के लिए 2 लाख करोड़ शामिल हैं। PM Gati Shakti योजना को और मजबूत करते हुए 100 नए लॉजिस्टिक्स हब बनाने की घोषणा की गई है, जो MSMEs को सप्लाई चेन में 15% की लागत बचत प्रदान करेगी। रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में 1.5 लाख करोड़ का निवेश होगा, जिसमें सोलर पावर ग्रिड को 50 GW तक बढ़ाने का लक्ष्य है, जो क्लाइमेट चेंज टारगेट्स को पूरा करने में मदद करेगा।

कृषि सेक्टर को मजबूत करने के लिए 2.5 लाख करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई है, जिसमें फर्टिलाइजर सब्सिडी पर 1 लाख करोड़ और इरिगेशन प्रोजेक्ट्स पर 80,000 करोड़ शामिल हैं। PM Kisan योजना के तहत लाभार्थियों को सालाना 6,000 रुपये की जगह अब 8,000 रुपये दिए जाएंगे, जो 14 करोड़ किसानों को सीधा फायदा पहुंचाएगा। ऑर्गेनिक फार्मिंग को प्रमोट करने के लिए 20,000 करोड़ की नई स्कीम लॉन्च की गई है, जिसमें किसानों को ट्रेनिंग और मार्केट लिंकेज प्रदान किया जाएगा। अनुमान है कि इससे कृषि उत्पादन में 12% की वृद्धि होगी, और एक्सपोर्ट को 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

EV और ऑटोमोटिव सेक्टर को बूस्ट देने के लिए 1 लाख करोड़ रुपये की योजना घोषित की गई है, जिसमें बैटरी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के लिए 40,000 करोड़ की सब्सिडी शामिल है। FAME-III स्कीम के तहत EV खरीद पर 20% टैक्स छूट मिलेगी, जो Tata Motors और Mahindra जैसे ब्रांड्स को फायदा देगी। इससे 2030 तक EV मार्केट को 30% तक बढ़ाने का लक्ष्य है, और पेट्रोलियम इंपोर्ट पर 25% की बचत होगी। स्टार्टअप्स के लिए 50,000 करोड़ का फंड सेटअप किया गया है, जिसमें AI और FinTech स्टार्टअप्स को प्राथमिकता दी जाएगी, जो भारत को ग्लोबल इनोवेशन हब बनाने में सहायक होगा।

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टैक्स कलेक्शन को बढ़ावा देने के लिए GST रिफॉर्म्स लाए गए हैं, जहां जीएसटी दरों को रेशनलाइज करते हुए 28% स्लैब को केवल लग्जरी आइटम्स तक सीमित किया गया है। डिजिटल इकोनॉमी को सपोर्ट करने के लिए क्रिप्टोकरेंसी पर 1% TDS को हटाया गया है, लेकिन 30% कैपिटल गेन टैक्स बरकरार रहेगा। इससे Binance और WazirX जैसे प्लेटफॉर्म्स पर ट्रेडिंग वॉल्यूम में 40% वृद्धि की उम्मीद है। हेल्थकेयर सेक्टर में 1.2 लाख करोड़ का आवंटन है, जिसमें Ayushman Bharat को 50 करोड़ लाभार्थियों तक विस्तारित करने का प्रावधान है, जो पैंडेमिक के बाद स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करेगा।

एजुकेशन सेक्टर में 1 लाख करोड़ रुपये दिए गए हैं, जिसमें NEP 2020 को लागू करने के लिए 30,000 नए स्कूल्स और यूनिवर्सिटीज बनाने की योजना है। स्किल डेवलपमेंट के लिए 20,000 करोड़ का फंड, जो 5 करोड़ युवाओं को ट्रेनिंग देगा, और इससे अनएम्प्लॉयमेंट रेट को 4% तक कम करने में मदद मिलेगी। डिफेंस बजट को 5.5 लाख करोड़ तक बढ़ाया गया है, जिसमें Make in India के तहत 2 लाख करोड़ का निवेश होगा, जो DRDO और HAL जैसे संस्थानों को मजबूत करेगा।

बजट में पर्यावरण संरक्षण पर फोकस करते हुए Green Hydrogen मिशन के लिए 19,000 करोड़ दिए गए हैं, जो 2030 तक 5 मिलियन टन प्रोडक्शन का लक्ष्य रखता है। वाटर मैनेजमेंट के लिए 50,000 करोड़ की स्कीम, जिसमें Ganga Rejuvenation को शामिल किया गया है। सोशल वेलफेयर में Women Empowerment के लिए 30,000 करोड़, जिसमें Beti Bachao Beti Padhao को अपग्रेड किया गया है।

सेक्टरआवंटन (रुपये में)प्रमुख बदलाव
इंफ्रास्ट्रक्चर12 लाख करोड़20% वृद्धि, 100 नए लॉजिस्टिक्स हब
कृषि2.5 लाख करोड़PM Kisan में 8,000 रुपये प्रति वर्ष
EV और ऑटो1 लाख करोड़FAME-III के तहत 20% टैक्स छूट
हेल्थकेयर1.2 लाख करोड़Ayushman Bharat का विस्तार
एजुकेशन1 लाख करोड़30,000 नए संस्थान
डिफेंस5.5 लाख करोड़Make in India पर फोकस

टैक्स रिफॉर्म्स : इनकम टैक्स स्लैब अपरिवर्तित, लेकिन Sec 80C लिमिट को 1.5 लाख से बढ़ाकर 2 लाख किया गया।

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फॉरेन इन्वेस्टमेंट : FDI नियमों में छूट, जो रियल एस्टेट में 100% विदेशी निवेश की अनुमति देगा।

एमएसएमई सपोर्ट : 2 लाख करोड़ का क्रेडिट गारंटी स्कीम, जो 50 लाख छोटे व्यवसायों को लोन प्रदान करेगी।

डिजिटल इंडिया : UPI ट्रांजेक्शन पर कोई चार्ज नहीं, और CBDC को पूर्ण रूप से लॉन्च किया जाएगा।

टूरिज्म बूस्ट : 20,000 करोड़ की स्कीम, जिसमें Eco-Tourism साइट्स विकसित की जाएंगी।

यह बजट GDP ग्रोथ को 7.5% तक पहुंचाने का लक्ष्य रखता है, जबकि फिस्कल डेफिसिट को 4.5% पर कंट्रोल करने की योजना है। स्टॉक मार्केट में Sensex ने बजट के बाद 1,200 पॉइंट्स की बढ़त दर्ज की, जो निवेशकों के सकारात्मक रिस्पॉन्स को दर्शाता है। रियल एस्टेट सेक्टर में Affordable Housing पर 15% सब्सिडी दी गई है, जो 1 करोड़ नए घरों का निर्माण करेगी।

Disclaimer: यह रिपोर्ट सामान्य सूचना के लिए है और किसी भी निवेश या कानूनी सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। सभी डेटा सार्वजनिक स्रोतों से प्राप्त हैं और परिवर्तन के अधीन हैं।

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