“फिनो पेमेंट्स बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिशी गुप्ता को सीजीएसटी और एसजीएसटी एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है। जांच बैंक के किसी बिजनेस पार्टनर से जुड़ी है, बैंक की अपनी जीएसटी अनुपालन पर कोई असर नहीं। गिरफ्तारी के बाद सीएफओ केतन मर्चेंट को अंतरिम प्रमुख बनाया गया है, जबकि शेयर मूल्य में 7-10% तक की गिरावट दर्ज की गई है।”
फिनो पेमेंट्स बैंक के MD और CEO रिशी गुप्ता गिरफ्तार
फिनो पेमेंट्स बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिशी गुप्ता को शुक्रवार देर रात गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (DGGI) की हैदराबाद इकाई ने की, जो CGST और SGST एक्ट 2017 की विभिन्न धाराओं के तहत हुई। गिरफ्तारी मुंबई में सुबह 3:55 बजे हुई, जिसके बाद रिशी गुप्ता को हैदराबाद शिफ्ट किया गया।
मामला ऑनलाइन बेटिंग से जुड़े जीएसटी चोरी के बड़े नेटवर्क से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें गलत इनपुट टैक्स क्रेडिट क्लेम और टैक्स evasion के आरोप शामिल हैं। जांच में बैंक के किसी बिजनेस पार्टनर की भूमिका प्रमुख है, न कि बैंक की अपनी जीएसटी कम्प्लायंस की। बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में स्पष्ट किया कि यह जांच बैंक के दैनिक संचालन या उसकी जीएसटी अनुपालन पर प्रभाव नहीं डाल रही है।
गिरफ्तारी के तुरंत बाद बैंक ने विशेष बोर्ड मीटिंग बुलाई, जिसमें केतन मर्चेंट (चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर) को संगठन का अंतरिम प्रमुख नियुक्त किया गया। वे रिशी गुप्ता की अनुपस्थिति में या बोर्ड के अगले फैसले तक बैंक के दिन-प्रतिदिन के कार्यों की देखरेख करेंगे। बैंक ने कहा कि उसके पास मजबूत कॉर्पोरेट गवर्नेंस, कम्प्लायंस फ्रेमवर्क और मजबूत प्रक्रियाएं हैं, जिससे ग्राहकों की सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इस घटना की जानकारी RBI को भी दे दी गई है।
रिशी गुप्ता फिनो पेमेंट्स बैंक के लॉन्च के बाद से ही प्रमुख भूमिका में थे। उन्होंने बैंक को लॉन्च के मात्र तीन वर्षों में लाभ कमाने वाली संस्था बनाने में अहम योगदान दिया था। फिनो पेमेंट्स बैंक ग्रामीण और अनबैंक्ड क्षेत्रों में डिजिटल बैंकिंग, पेमेंट्स और फाइनेंशियल सर्विसेज प्रदान करने के लिए जाना जाता है, खासकर UPI , AEPS और अन्य डिजिटल ट्रांजेक्शन में।
शेयर बाजार पर तत्काल प्रभाव पड़ा। गिरफ्तारी की खबर आने के बाद Fino Payments Bank के शेयर में भारी गिरावट आई। शुक्रवार को शेयर 208.29 रुपये पर बंद हुआ था, लेकिन खबर के बाद यह 182.60 रुपये के निचले स्तर तक गिर गया, यानी करीब 7.73% से 9.92% तक की गिरावट विभिन्न एक्सचेंज पर दर्ज की गई। मार्केट कैप में भी सैकड़ों करोड़ रुपये की कमी आई, और सोमवार को शेयरों पर और दबाव रहने की आशंका है। निवेशक इस घटना को लेकर सतर्क हैं, क्योंकि लीडरशिप में बदलाव और जांच की लंबी प्रक्रिया स्टॉक वैल्यूएशन को प्रभावित कर सकती है।
बैंक ने जोर देकर कहा कि जांच केवल रिशी गुप्ता के व्यक्तिगत स्तर पर है और बैंक की ऑपरेशंस, ग्राहक खाते या सेवाएं पूरी तरह सुरक्षित और सामान्य हैं। फिनो पेमेंट्स बैंक भारत में पेमेंट्स बैंक लाइसेंस प्राप्त संस्थाओं में से एक है, जो डिपॉजिट, रेमिटेंस और अन्य सर्विसेज प्रदान करता है, लेकिन क्रेडिट जारी नहीं कर सकता।
यह घटना फिनटेक और पेमेंट्स सेक्टर में टैक्स कम्प्लायंस और बिजनेस पार्टनर मैनेजमेंट की चुनौतियों को उजागर करती है, खासकर जब ऑनलाइन बेटिंग जैसे हाई-रिस्क क्षेत्रों से जुड़े ट्रांजेक्शन शामिल हों। जांच आगे बढ़ने पर और तथ्य सामने आ सकते हैं।