अर्श से फर्श पर गिरी Ola Electric! मार्केट शेयर आधा हुआ, बिक्री 50% तक लुढ़की, शेयर रिकॉर्ड लो पर

“Ola Electric, जो कभी भारत की EV सेक्टर में नंबर-1 कंपनी थी और बाजार में 30% से ज्यादा हिस्सेदारी रखती थी, अब गंभीर संकट में है। फरवरी 2026 में इसकी बिक्री में 47% मासिक गिरावट आई, मार्केट शेयर पांचवें स्थान पर फिसल गया, और शेयर ₹21 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया—पीक से 86% तक का नुकसान। प्रतिस्पर्धा, सर्विस मुद्दे और धीमी EV डिमांड ने कंपनी को बुरी तरह प्रभावित किया है।”

Ola Electric का तेज गिरावट का दौर

Ola Electric Mobility, जिसे Bhavish Aggarwal ने EV क्रांति का चेहरा बनाया था, अब अपने सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही है। 2023-2024 में कंपनी ने जबरदस्त ग्रोथ दिखाई थी—स्कूटर सेगमेंट में टॉप पर पहुंचकर 30% से ज्यादा मार्केट शेयर हासिल किया और लिस्टिंग के समय वैल्यूएशन में भारी उछाल देखा गया। लेकिन 2025 के अंत और 2026 की शुरुआत में स्थिति पूरी तरह पलट गई।

फरवरी 2026 में Vahan रजिस्ट्रेशन डेटा के अनुसार कंपनी की मासिक बिक्री महज 3,968 यूनिट रही, जो पिछले महीने से 47% कम है। पूरे EV दोपहिया सेगमेंट में Ola का मार्केट शेयर आधे से भी कम रह गया—पहले नंबर-1 से अब TVS, Bajaj और Ather जैसी कंपनियों के पीछे पांचवें स्थान पर। बिक्री में यह भारी गिरावट सेवा संबंधी शिकायतों, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी और बढ़ती प्रतिस्पर्धा से जुड़ी है।

शेयर बाजार में भी कंपनी का प्रदर्शन रिकॉर्ड खराब रहा। शेयर ने ₹157.53 के पीक (अगस्त 2024) से 86% से ज्यादा की गिरावट दिखाई और हाल ही में ₹21.21 के ऑल-टाइम लो पर पहुंच गया। मार्केट कैप अब ₹10,500 करोड़ के आसपास सिमट गई, जबकि पीक वैल्यूएशन में यह कई गुना ऊपर थी। हाल के दिनों में 16% एक दिन में गिरावट आई, और 2026 में अब तक 26% से ज्यादा का नुकसान हो चुका है।

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प्रमुख कारण और चुनौतियां

मार्केट शेयर में भारी गिरावट — Ola ने 2024 में EV स्कूटर सेगमेंट पर राज किया था, लेकिन 2025-26 में Bajaj Chetak, TVS iQube और Ather 450X जैसे मॉडल्स ने क्वालिटी, रेंज और सर्विस नेटवर्क के दम पर आगे निकल लिया। Ola की हिस्सेदारी 30%+ से घटकर काफी कम रह गई।

बिक्री और रजिस्ट्रेशन में लगातार गिरावट — दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 तक मासिक रजिस्ट्रेशन में 40-50% तक की गिरावट देखी गई। कंपनी अब फिजिकल स्टोर नेटवर्क को घटाकर सिर्फ 550 तक सीमित करने की योजना बना रही है—पहले 4,000 स्टोर का लक्ष्य था।

शेयरहोल्डर्स का भरोसा टूटा — ब्रोकरेज फर्म Citi ने स्टॉक को ‘सेल’ रेटिंग दी और टारगेट प्राइस 60% तक काट दिया। सर्विस इश्यूज, धीमी EV एडॉप्शन और कैपिटल एफिशिएंसी पर सवाल उठे। फाउंडर Bhavish Aggarwal द्वारा शेयर बिक्री की खबरों ने भी निवेशकों में बेचैनी बढ़ाई।

ब्रॉडर EV मार्केट की चुनौतियां — भारत में EV दोपहिया सेगमेंट की ग्रोथ धीमी पड़ी है। सब्सिडी में बदलाव, बैटरी कॉस्ट और चार्जिंग इंफ्रा की कमी ने डिमांड प्रभावित की। Ola जैसी कंपनियां, जो स्केल पर निर्भर थीं, अब मार्जिन प्रेशर और कैश बर्न का सामना कर रही हैं।

कंपनी की वर्तमान स्थिति

Ola Electric अब सर्वाइवल मोड में है। कंपनी ने स्टोर नेटवर्क सिकुड़ने, कॉस्ट कटिंग और प्रोडक्ट अपग्रेड पर फोकस किया है, लेकिन रिजल्ट्स में सुधार दिखने में समय लगेगा। मार्केट में TVS और Bajaj जैसी स्थापित कंपनियां मजबूत हो रही हैं, जबकि Ather एनालिटिक्स और प्रीमियम सेगमेंट में आगे है।

Ola के लिए रास्ता चुनौतीपूर्ण है—अगर सर्विस और प्रोडक्ट क्वालिटी में सुधार नहीं हुआ तो मार्केट शेयर आगे और सिकुड़ सकता है। EV सेक्टर में भारत की ग्रोथ अभी भी मजबूत है, लेकिन लीडरशिप अब बदल चुकी है।

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