“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में PM Kisan सम्मान निधि योजना पर भावुक होकर बात की, जहां उन्होंने छोटे किसानों के दर्द को साझा किया और योजना की उपलब्धियों को उजागर किया। उन्होंने कांग्रेस पर छोटे किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाया, जबकि योजना के तहत अब तक 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक的小 किसानों के खातों में ट्रांसफर किए जा चुके हैं। 21वीं किस्त नवंबर 2025 में जारी हुई, और 22वीं किस्त फरवरी-मार्च 2026 में अपेक्षित है, जिससे 10 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित हो रहे हैं।”
PM मोदी का राज्यसभा में भाषण: छोटे किसानों के लिए दर्द और योजना की सफलता
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देते हुए PM Kisan सम्मान निधि योजना पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कभी छोटे किसानों की परवाह नहीं की, जबकि उनकी सरकार ने जमीनी हकीकतों को समझते हुए इस योजना को शुरू किया। मोदी ने जोर देकर कहा, “हमारे दिल में छोटे किसानों के प्रति दर्द था, हम जमीनी हकीकतों से परिचित थे और उसी के कारण हम PM Kisan सम्मान निधि योजना लेकर आए।”
उन्होंने योजना की शुरुआत से अब तक की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला, जिसमें छोटे किसानों के खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से बड़ी राशि ट्रांसफर की गई है। मोदी ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने विश्वासघात किया और 10 करोड़ से अधिक छोटे किसानों को अनदेखा किया, जिनके पास दो हेक्टेयर से कम जमीन है। उन्होंने योजना को किसानों को नई ताकत देने वाला बताया, जो अब बड़े सपने देख सकते हैं।
PM Kisan योजना की प्रमुख उपलब्धियां और आंकड़े
PM Kisan सम्मान निधि योजना 2019 में शुरू हुई, जिसके तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये तीन किस्तों में दिए जाते हैं – प्रत्येक किस्त 2,000 रुपये की। योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे कृषि निवेश बढ़ा सकें और आय स्थिर रख सकें।
अब तक योजना के तहत 21 किस्तें जारी हो चुकी हैं, जिसमें नवंबर 2025 में 21वीं किस्त कोयंबटूर में जारी की गई। आर्थिक सर्वे 2025-26 के अनुसार, योजना की शुरुआत से फरवरी 2026 तक कुल 4.09 लाख करोड़ रुपये से अधिक किसानों के खातों में ट्रांसफर किए जा चुके हैं। बजट 2026 में योजना के लिए 63,500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले वर्ष के समान है।
| उपलब्धि | विवरण | आंकड़े (फरवरी 2026 तक) |
|---|---|---|
| कुल किस्तें जारी | 21 | 22वीं किस्त फरवरी-मार्च 2026 में अपेक्षित |
| कुल ट्रांसफर राशि | डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर | 4.09 लाख करोड़ रुपये+ |
| लाभार्थी किसान | छोटे और सीमांत किसान | 11 करोड़ से अधिक |
| वार्षिक सहायता | प्रति किसान | 6,000 रुपये (तीन किस्तों में) |
| हालिया किस्त | 21वीं (नवंबर 2025) | 9.35 करोड़ किसानों को लाभ |
ये आंकड़े pmkisan.gov.in पोर्टल से प्राप्त हैं, जहां किसान अपनी स्थिति चेक कर सकते हैं। योजना ने कृषि क्षेत्र को मजबूत किया है, जहां भारत अब दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश बन चुका है, और खाद्यान्न उत्पादन 330 मिलियन टन से अधिक हो गया है।
विपक्ष पर PM मोदी के हमले: कांग्रेस की नीतियों की आलोचना
मोदी ने अपने भाषण में कांग्रेस पर तीखा हमला किया, कहते हुए कि कांग्रेस ने किसानों के साथ विश्वासघात किया और उन्हें कभी प्राथमिकता नहीं दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष के सदस्य शिकायतें करने के लिए पहले से तय करके आते हैं, जो उनकी गठबंधन की सोच को दर्शाता है। भाषण के दौरान विपक्ष ने नारेबाजी की और वॉकआउट किया, लेकिन मोदी ने इसे अनदेखा करते हुए सरकार की सुधारों पर जोर दिया।
उन्होंने MUDRA योजना का जिक्र किया, जहां 30 लाख करोड़ रुपये से अधिक कोलेटरल-फ्री लोन दिए गए, जिसमें महिलाएं मुख्य लाभार्थी हैं। किसानों के संदर्भ में, उन्होंने PM Fasal Bima Yojana का उल्लेख किया, जो प्राकृतिक आपदाओं से वित्तीय नुकसान से बचाती है और किसानों में आत्मविश्वास जगाती है। मोदी ने कहा कि NDA सरकार ने किसानों को प्राथमिकता दी, जिससे कृषि क्षेत्र आधुनिक हुआ और उत्पादन बढ़ा।
योजना के प्रभाव: किसानों की आय और निवेश में वृद्धि
PM Kisan योजना ने छोटे किसानों की आय को स्थिर किया है, जिससे वे बेहतर बीज, उर्वरक और उपकरण खरीद सकते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, योजना से किसानों की निवेश क्षमता बढ़ी है, और गरीबी रेखा से नीचे के 24 करोड़ से अधिक लोग ऊपर उठे हैं। जल जीवन मिशन के तहत नल कनेक्शन प्रदान करने से भी ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि कार्य आसान हुआ।
किसानों की प्रमुख चुनौतियां और समाधान:
डिजिटल एकीकरण : eKYC अनिवार्य है, जिससे पात्र किसान ही लाभ ले सकें। फरवरी 2026 तक, 10 करोड़ से अधिक किसानों ने eKYC पूरा किया।
किस्त वितरण : DBT से पारदर्शिता सुनिश्चित, कोई बिचौलिया नहीं।
विस्तार : योजना अब 11 करोड़ किसानों तक पहुंची, जिसमें महिलाएं और आदिवासी समुदाय शामिल।
भविष्य की योजनाएं : बजट 2026 में कृषि आधुनिकीकरण के लिए अतिरिक्त फंड, जैसे सोलर पंप और ड्रोन तकनीक।
वीडियो और प्रतिक्रियाएं: सोशल मीडिया पर वायरल
मोदी के भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां उन्होंने छोटे किसानों के दर्द को व्यक्त किया। YouTube और Facebook पर उपलब्ध क्लिप्स में मोदी की भावुक अपील दिखाई गई है, जिसमें वे कहते हैं कि योजना से किसानों को नई ताकत मिली। भाजपा सदस्यों ने भाषण की सराहना की, जबकि विपक्ष ने इसे राजनीतिक बताया। Maya Naroliya और Mahendra Bhatt जैसे भाजपा सांसदों ने कहा कि योजना से भारत कृषि में विश्व नेता बना।
योजना में पात्रता और आवेदन प्रक्रिया
PM Kisan के लिए पात्रता: दो हेक्टेयर से कम जमीन वाले छोटे किसान, जिनकी आय सीमा के अंतर्गत हो। आवेदन pmkisan.gov.in पर ऑनलाइन या CSC सेंटर से। आवश्यक दस्तावेज: आधार कार्ड, बैंक खाता, जमीन रिकॉर्ड। फरवरी 2026 तक, योजना में नाम सुधारने के लिए विशेष अभियान चल रहा है।
यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि सहायता सही हाथों में पहुंचे।
कृषि क्षेत्र में अन्य सुधार: मोदी सरकार की पहल
| चरण | विवरण |
|---|---|
| 1. पंजीकरण | वेबसाइट पर Farmer Corner से रजिस्टर |
| 2. eKYC | आधार OTP या बायोमेट्रिक से पूरा |
| 3. स्थिति चेक | मोबाइल नंबर या आधार से ट्रैक |
| 4. किस्त प्राप्ति | DBT से बैंक खाते में |
मोदी ने भाषण में सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन के मंत्र पर जोर दिया। बैंकिंग सेक्टर में NPA कम होने से किसानों को आसान लोन मिल रहे हैं। Make in India से कृषि उपकरण सस्ते हुए। अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों से युवा किसानों को लाभ, जहां भारत वैश्विक स्थिरता में भागीदार बन रहा है।
कुंजी पॉइंट्स:
PSUs को बचाया गया, जो पहले असफल होने के लिए बनाए जाते थे।
गरीबी उन्मूलन: 24 करोड़ लोग ऊपर उठे।
किसान प्राथमिकता: PM-Kisan से 4 लाख करोड़ ट्रांसफर।
वैश्विक स्थिति: भारत विश्व में विश्वसनीय साथी।
ये सुधार किसानों को सशक्त बनाते हैं, जिससे अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।
Disclaimer: यह समाचार रिपोर्ट सूत्रों पर आधारित है।