“केंद्र सरकार के नए ट्रैफिक नियमों के तहत 90 दिनों में अनपेड ई-चालान का भुगतान न करने पर ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रद्द किया जा सकता है। तीन या अधिक गंभीर उल्लंघनों पर तीन महीने की सजा, साथ ही इंश्योरेंस प्रीमियम में वृद्धि। उत्तर प्रदेश में 60 हजार लाइसेंस सस्पेंड करने की तैयारी, कुल 5 हजार करोड़ के अनपेड फाइन।”
केंद्र सरकार ने मोटर व्हीकल एक्ट में संशोधन कर ट्रैफिक उल्लंघनों पर सख्ती बढ़ाई है। अप्रैल 2025 से लागू इन नियमों में अनपेड ई-चालान को प्रमुखता दी गई है। यदि कोई वाहन मालिक ई-चालान जारी होने के तीन दिनों में नोटिस प्राप्त करता है, तो 30 दिनों में भुगतान या चुनौती देनी होगी। 90 दिनों में भुगतान न होने पर ड्राइविंग लाइसेंस (DL) या रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) सस्पेंड किया जा सकता है, जो भुगतान तक जारी रहेगा।
रेड लाइट जंपिंग या रैश ड्राइविंग जैसे गंभीर उल्लंघनों के तीन चालान होने पर DL तीन महीने के लिए सस्पेंड होगा। सरकार दो या अधिक पेंडिंग चालान वाले वाहनों के लिए इंश्योरेंस प्रीमियम बढ़ाने पर विचार कर रही है। राष्ट्रीय स्तर पर ई-चालान रिकवरी रेट केवल 40 प्रतिशत है, जिसमें दिल्ली में 14 प्रतिशत, कर्नाटक में 21 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश में 27 प्रतिशत शामिल हैं। उच्च रेट वाले राज्यों में ओडिशा, राजस्थान और हरियाणा 62-76 प्रतिशत तक पहुंचे हैं।
उत्तर प्रदेश में सख्त कार्रवाई चल रही है, जहां 5 हजार करोड़ रुपये के अनपेड फाइन हैं। ट्रैफिक डायरेक्टरेट ने 3 लाख से अधिक वाहनों और 58 हजार DL धारकों की लिस्ट ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को भेजी है। पांच या अधिक पेंडिंग चालान वाले वाहनों की RC ब्लैकलिस्टेड की जाएगी, जिससे वाहन चलाना अवैध हो जाएगा। अब तक 3,964 RC रद्द और 1,006 DL सस्पेंड हो चुके हैं। प्रमुख जोन में बरेली (21 हजार से अधिक उल्लंघन, 5,833 DL सस्पेंशन), मेरठ (1,323 उल्लंघन, 260 DL सस्पेंड), आगरा (30 हजार वाहन RC फ्लैग्ड, 1,585 DL सस्पेंशन) और लखनऊ (4,351 वाहन, 1,820 DL फ्लैग्ड) शामिल हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 23 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों में इलेक्ट्रॉनिक मॉनिटरिंग लागू की गई है, लेकिन केवल पांच राज्य (पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और दिल्ली) ने पूर्ण अनुपालन किया है। नए फाइन में ड्रंकन ड्राइविंग पर 10 हजार रुपये और 6 महीने जेल, हेलमेट न पहनने पर 1 हजार रुपये और 3 महीने DL स्क्रैपिंग, सीट बेल्ट न लगाने पर 1 हजार रुपये, मोबाइल यूज पर 5 हजार रुपये, वैलिड लाइसेंस न होने पर 5 हजार रुपये, इंश्योरेंस न होने पर 2 हजार रुपये और 3 महीने जेल या कम्युनिटी सर्विस, पॉल्यूशन सर्टिफिकेट न होने पर 10 हजार रुपये और 6 महीने जेल, टwo-व्हीलर पर ट्रिपल राइडिंग पर 1 हजार रुपये, डेंजरस ड्राइविंग पर 5 हजार रुपये, और एम्बुलेंस ब्लॉक करने पर 10 हजार रुपये शामिल हैं।
प्रमुख उल्लंघनों और फाइन की तालिका:
चालान चेक और भुगतान कैसे करें:
Parivahan पोर्टल या mParivahan ऐप पर वाहन नंबर या DL नंबर से चेक करें।
ऑनलाइन पेमेंट गेटवे जैसे Paytm, PhonePe या सरकारी पोर्टल से भुगतान करें।
चुनौती देने के लिए 30 दिनों में ट्रैफिक कोर्ट में अपील करें।
सस्पेंशन से बचने के लिए 90 दिनों की डेडलाइन का पालन करें।
प्रभाव और सुझाव:
| उल्लंघन | फाइन (रुपये में) | अतिरिक्त सजा |
|---|---|---|
| ड्रंकन ड्राइविंग | 10,000 | 6 महीने जेल |
| हेलमेट न पहनना | 1,000 | 3 महीने DL स्क्रैपिंग |
| सीट बेल्ट न लगाना | 1,000 | – |
| मोबाइल यूज व्हाइल ड्राइविंग | 5,000 | – |
| वैलिड लाइसेंस न होना | 5,000 | – |
| इंश्योरेंस न होना | 2,000 | 3 महीने जेल या कम्युनिटी सर्विस |
| पॉल्यूशन सर्टिफिकेट न होना | 10,000 | 6 महीने जेल |
| ट्रिपल राइडिंग (टwo-व्हीलर) | 1,000 | – |
| डेंजरस ड्राइविंग/रेसिंग | 5,000 | – |
| एम्बुलेंस/इमरजेंसी व्हीकल ब्लॉक करना | 10,000 | – |
रोड सेफ्टी में सुधार: लखनऊ जैसे जिलों में 2024 में 1,630 एक्सीडेंट, 576 मौतें और 1,165 घायल हुए, जो अनपेड चालान से जुड़े हैं।
वाहन मालिकों को सलाह: रेगुलर चेकअप रखें, फाइन समय पर भरें, और रेकलेस ड्राइविंग से बचें।
राज्यवार अंतर: उत्तर प्रदेश और दिल्ली में कम रिकवरी रेट से सख्ती बढ़ी, जबकि हरियाणा में उच्च अनुपालन से दुर्घटनाएं कम।
Disclaimer: यह समाचार रिपोर्ट है, स्रोतों पर आधारित टिप्स और जानकारी प्रदान करती है।