अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के महज तीन घंटे बाद ही दुनिया भर पर 10% ग्लोबल टैरिफ लागू करने का एलान किया है। कोर्ट ने पिछले साल के इमरजेंसी टैरिफ को अवैध करार दिया था, जिसके बाद ट्रंप ने सेक्शन 122 के तहत नया टैरिफ लगाया। भारत के लिए यह 18% से घटकर 10% हो गया है, लेकिन India-US इंटरिम ट्रेड डील की शर्तें प्रभावित हो सकती हैं। टैरिफ 24 फरवरी से लागू होगा और 150 दिनों तक चलेगा।
ट्रंप का बड़ा एलान: सुप्रीम कोर्ट को चुनौती देते हुए 10% ग्लोबल टैरिफ
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 20 फरवरी 2026 को व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सुप्रीम कोर्ट के फैसले को “गहरा निराशाजनक” और “अनपैट्रियोटिक” बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाया कि इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक टैरिफ अवैध हैं। मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने लिखित फैसले में कहा कि राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने की ऐसी व्यापक शक्ति नहीं दी गई है।
इस फैसले के महज तीन घंटे बाद ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया कि उन्होंने ओवल ऑफिस से ग्लोबल 10% टैरिफ पर साइन कर दिया है। यह टैरिफ ट्रेड एक्ट 1974 की सेक्शन 122 के तहत लगाया गया है, जो राष्ट्रपति को 150 दिनों तक 15% तक टैरिफ लगाने की अनुमति देता है। यह टैरिफ 24 फरवरी की आधी रात से प्रभावी होगा।
व्हाइट हाउस के फैक्ट शीट के अनुसार, यह टैरिफ मौजूदा टैरिफ के ऊपर लगेगा और कई सेक्टरों में छूट दी गई है, जैसे कुछ फूड प्रोडक्ट्स, क्रिटिकल मिनरल्स, फार्मास्यूटिकल्स, कुछ इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल्स और यूएस-मेक्सिको-कनाडा एग्रीमेंट (USMCA) के अनुपालन वाले गुड्स।
भारत पर असर: 18% से घटकर 10% टैरिफ, लेकिन डील पर सवाल
भारत के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण है। पिछले महीने अमेरिका और भारत के बीच इंटरिम ट्रेड फ्रेमवर्क पर सहमति बनी थी, जिसमें भारत के प्रमुख एक्सपोर्ट्स जैसे कपड़े, फार्मास्यूटिकल्स, जेम्स एंड ज्वेलरी, टेक्सटाइल्स पर अमेरिकी टैरिफ 25% से घटाकर 18% किया गया था। बदले में भारत ने रूसी ऑयल खरीद कम करने और अमेरिकी इंडस्ट्रियल गुड्स पर टैरिफ घटाने का वादा किया था।
ट्रंप के नए 10% ग्लोबल टैरिफ के बाद भारत सहित ब्रिटेन, जापान, यूरोपीय यूनियन जैसे देशों पर अब 10% टैरिफ लागू होगा, भले ही पहले उच्च दर पर डील हुई हो। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि ऐसे सभी पार्टनर्स अब 10% पर आ जाएंगे। इससे भारत को राहत मिली है क्योंकि 18% की जगह अब 10% ही लगेगा, लेकिन इंटरिम डील की वैधता और आगे की बातचीत पर अनिश्चितता बढ़ गई है।
ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “ग्रेट मैन” बताते हुए कहा कि डील में कुछ नहीं बदलेगा। उन्होंने कहा, “इंडिया अब हमें टैरिफ देगा, हम उन्हें नहीं देंगे। मोदी बहुत स्मार्ट हैं, लेकिन अब फेयर ट्रेड हो रहा है।” हालांकि, डील अभी फाइनल साइन नहीं हुई है और सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पुरानी टैरिफ की बेसिस खत्म हो गई है।
भारत सरकार की प्रतिक्रिया और संभावित कदम
भारतीय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर “सभी डेवलपमेंट्स का अध्ययन” करने की बात कही है। यूनियन मिनिस्टर प्रह्लाद जोशी ने कहा कि कॉमर्स मिनिस्ट्री और एक्सटर्नल अफेयर्स मिनिस्ट्री इस पर प्रतिक्रिया देंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत अब डील को री-नेगोशिएट कर सकता है, क्योंकि 18% की जगह 10% ग्लोबल टैरिफ लागू हो रहा है और पुरानी पेनल्टी टैरिफ (जैसे रूसी ऑयल पर 25%) खत्म हो गई हैं।
टैरिफ के संभावित प्रभाव (तालिका)
| क्षेत्र | पहले का टैरिफ (ट्रंप नीति) | नया 10% ग्लोबल टैरिफ | भारत के लिए बदलाव |
|---|---|---|---|
| भारत के प्रमुख एक्सपोर्ट्स (टेक्सटाइल, फार्मा) | 18% (इंटरिम डील) | 10% | राहत, लेकिन डील अनिश्चित |
| रूसी ऑयल संबंधित पेनल्टी | 25% | हट गया | बड़ा फायदा |
| ग्लोबल इंपोर्ट्स | विभिन्न (10-50%+) | 10% (150 दिन) | व्यापक प्रभाव |
| छूट वाले सेक्टर | – | फूड, मिनरल्स, फार्मा | सीमित प्रभाव |
यह टैरिफ अमेरिकी इकोनॉमी पर भी असर डालेगा, क्योंकि इससे इंपोर्ट महंगे होंगे और कंज्यूमर प्राइस बढ़ सकती हैं। ग्लोबल मार्केट्स में अनिश्चितता बढ़ गई है, लेकिन ट्रंप की यह चाल उनकी ट्रेड नीति की जिद को दिखाती है। भारत के एक्सपोर्टर्स को अब नए सिरे से रणनीति बनानी होगी, खासकर अगर बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट की बात आगे बढ़े।
Disclaimer: यह एक न्यूज रिपोर्ट है जो उपलब्ध तथ्यों पर आधारित है।